अपनी कुल्हाड़ी पर धार लगाएं?

दोस्तों इस पैराग्राफ में हमें एक कहानी बताना चाहता हूं जो कि एक ए अलग ही नजरिया आपको दे सकती है।

एक लकड़हारा जो एक फैक्ट्री में काम करता था और वह बहुत मेहनत करता था और अपना काम टाइम पर भी कर देता था एक बार उस फैक्ट्री में बहुत काम आया और न्यू एंप्लॉय भी उस फैक्ट्री में भर्ती हुए नए इंप्लॉय नए पुराने वाले जो बुजुर्ग था लकड़हारा जो था उसको देखा और फैक्टरी के मालिक से पूछा यह बूढ़ा आदमी यहां पर क्या कर रहा है तो फैक्ट्री वाला फैक्ट्री वाले ने उसकी बहुत तारीफ की और कहा कि भाई यह जो बूढ़ा आदमी है यह बहुत मेहनती है और अपना काम प्रॉपर टाइम पर भी कर देता है और बहुत मेहनत करता है और मैं आपको यह भी प्रॉमिस कर सकता हूं कि आप इतने ज्यादा काम नहीं कर सकते हो जितना यह काम कर सकता है ऐसा सुनकर नए एंप्लॉय भी आश्चर्यचकित रह गए और कहते हैं कि चलो एक शर्त लगाओ कि कौन ज्यादा काम कर सकता है कौन नहीं कौन ज्यादा लकड़ी काट काट सकता है और कौन नहीं तो शर्त लगाई गई और वहां पर वह सब जंगल में चले गए क्या शाम तक की कितनी लकड़ी काटते हैं और हम कितने लगते हैं तो सब वहां पर चले गए और जो न एंपलॉयर थे उन्होंने कड़ी मेहनत करते रहे हो जाती है और वह बूढ़ा आदमी को देखते हैं उन्होंने सोचा अब देखते हैं बाद में उन्होंने देखा जो बूढ़ा आदमी है वह तो बैठा हुआ है वह तो कुछ कर ही नहीं रहा है तो उन्होंने इसी का फायदा उठाते हुए वह नहीं बैठे ना उन्होंने खाना खाया और वह अपना काम करते रहे करें और फिर जब शाम को पता चला बुलाया गया सबको मालिक के सामने ले आ गया चलो नए वाले की लकड़ी अग्नि 1,2,3,4,5,इतना पेड़ काट दे गए और फिर घोड़े वाले की बूढ़ा जो आदमी था उसकी लकड़ जागे नहीं गई 1,2 ,34,5,6,7,8 तू वह सब छूट जाते हैं कि कैसे हो सकता है वह फैक्ट्री के मालिक से कहते हैं कि हमने देखा है कोई यह तो खाली बैठा था कि कुछ कर भी नहीं रहा था वहां पर यह कैसे पॉसिबल हो सकता है और हमने पूरे दिन मेहनत करिए नाम ने खाना खाया यह कैसे पॉसिबल हो सकता है तो उसने जो बूढ़ा आदमी था उसने समझाया जब तुम लकड़ियां काट रहे थे और जब मैं बैठा था तो वहां में अपनी कुल्हाड़ी पर धार लगा रहा था ना कि और कुछ कर रहा था तो दोस्तों इस कहानी से यही समझ में आता है लकड़ी काटने लकड़ी काटने का मकसद नहीं आधार नहीं है कुल्हाड़ी पर तो यह पॉसिबल नहीं है कि तुम ज्यादा ऐसे ही लाइफ में बहुत सी चीजें ऐसी होती है जो हमें स्किल्स पर हमने सीख ली कोई ठीक है आराम नहीं कर रहे हैं छोड़ देते हैं उसका कोई फायदा भी नहीं रह जाता तो जो भी आपने इसकी हो तो उसको पॉलिश करते रहो कम्युनिकेशन स्किल्स बॉडी लैंग्वेज ।

Published by Alipharma

I am pharmacist and I have created blog and help who person who are looking in pharmacy ,health and personality development things like book notes and news and so on .

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